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    Home»Sports Persons»एक कान से बहरा, अब कैसे बना भारत का स्टार बल्लेबाज
    washington sundar

    एक कान से बहरा, अब कैसे बना भारत का स्टार बल्लेबाज

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    By Ravi Kumar on Jan 29, 2018 Sports Persons, Trending Now

    कैसे एक ग्रेट ड्रीमर अपने सपने को पूरा कर सकता है, चाहे क्यूँ ना वो शारीरिक रूप से अपंग हो। इसका जीता जागता उदाहरण है Washington Sundar, जिन्होंने किसी भी सपने को पूरा करने की परिभाषा ही बदल ही दिया।

    अक्सर असफल लोग साधनों की कमी को दोष देते रहते है, वाशिंगटन तो एक कान से सुन नहीं सकते। फिर भी दर्शकों के भारी शोर-गुल में भी सबकुछ अच्छे से मैनेज कर लेते है और अपना शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहते है। यही कारण है वे आईपीएल और इंटरनेशनल टी-20 में डेब्यु करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी है।

    जानिए उनकी पूरी biography details में

    अनुक्रम

    • Washington Sundar Wiki
      • Parents & Childhood
      • Domestic Career
      • International Career
      • IPL Career
      • वाशिंगटन क्यूँ नाम पड़ा

    Washington Sundar Wikiwashington sundar

    Parents & Childhood

    वॉशिंग्टन सुंदर का जन्म 5 अक्तूबर 1999 को तमिलनाडु के पूर्व रणजी खिलाड़ी एम सुंदर के घर हुआ।

    वाशिंगटन को क्रिकेट खेलने का शौक अपने पिता से मिला था। उनके पिता के अनुसार उन्हे बचपन से क्रिकेट खेलने में बहुत रुचि थी। खासकर उन्हे बैटिंग और किपिंग करने में ज्यादा मजा आता था।

    उनके पिता ने आगे बताया कि जब वाशिंगटन के जन्म के समय पत्नी की स्थिति बहुत क्रिटिकल थी, लेकिन भगवान की दया से सबकुछ ठीक हो गया।

    लेकिन उन्हें बाद में पता चला कि वाशिंगटन का एक कान वर्क नहीं करता है। तब वे उन्होंने कई अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन वाशिंगटन की बीमारी दूर नहीं हुई। अब भी केवल एक कान से सुनते है।

    बरहाल पिता के मार्गदर्शन में वाशिंगटन क्रिकेट सीखने लगे। स्कूल के दिनों में वे विकेट कीपर बैट्समेन बनाना चाहते थे। लेकिन एक दिन किपिंग के लिए स्कूल की टीम में दूसरे खिलाड़ी को जगह दे दी गई। जिसके बाद वे ऑफ स्पिनर बन गए, इससे उन्हे यह फायदा हुआ कि वे एक ऑल राउंडर खिलाड़ी बन गए।

    Domestic Career

    उन्होंने फ़र्स्ट क्लास मैचों में तमिलनाडु के लिए मुंबई के खिलाफ 6 अक्तूबर 2016 को रोहतक में डेब्यु किया। जिन्हें एक बैट्समेन के रूप में शामिल किया था। उन्होंने शानदार 40 रन बनाए थे।

    लिस्ट के लिए उन्होंने तमिलनाडु के लिए खेलते हुए मार्च 1, 2017 को महाराष्ट्र के खिलाफ डेब्यु किया था। उस मैच केवल एक विकेट और 9 रन ही बना सके।

    लेकिन ये उनकी शुरुआत थी, बाद के मैचों में शानदार प्रदर्शन ऑल राउंड प्रदर्शन किया। 2017 में रणजी में अपना पहला शतक भी लगाया।

    International Career

    उनके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए श्रीलंका के खिलाफ भारतीय वन डे और टी-20 टीम में जगह दी गई। उन्होंने 13 दिसम्बर 2017 को श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए वन डे मैच में डेब्यु किया। इस मैच में उन्होंने अपना पहला विकेट भी लिया।

    24 दिसम्बर 2017 को खेले गए टी-20 मुक़ाबले से वाशिंगटन ने श्रीलंका के खिलाफ शानदार डेब्यु किया। इसके साथ उन्होंने सबसे कम उम्र में टी-20 मैच के लिए डेब्यु करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था। उस वक्त उनकी उम्र 18 साल और 80 दिन थी।

    इस मैच में भी सुंदर अपना पहला विकेट लेने कामयाब रहे।

    2017 में ही उन्हें न्यूजीलैंड में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई।

    IPL Career

    पहली 2017 में पूर्व आईपीएल टीम राइजिंग पुणे सुपरज्यांत ने खरीदा था। उस सीजन में उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया था। 22 अप्रैल 2017 को हैदराबाद के खिलाफ अश्विन की जगह उन्हें खिलाया गई। इस मैच वे एक भी विकेट नहीं ले सके। पर उन्होंने 3 ओवर में मात्र 19 रन दिये।

    इस मैच को खेलते वक्त उनकी उम्र 17 साल थी, जिसके कारण वे जडेजा को पिछाड़कर आईपीएल में डेब्यु करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।

    उसी साल मुंबई और पुणे की बीच खेले गए फ़ाइनल में उन्होंने अपने सबसे अच्छी बॉलिंग करते हुए 16 रन देकर 3 विकेट लिये, जो आईपीएल फ़ाइनल का सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग फिगर है।

    2018 के आईपीएल के लिए उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर ने 3 करोड़ 20 लाख में खरीद लिया।

    वाशिंगटन क्यूँ नाम पड़ा

    वाशिंगटन सुंदर के पिता एम. सुंदर ने एक बार बताया था कि उन्होंने अपने बेटे का नाम अपने गॉडफादर पीडी. वाशिंगटन के नाम पर रखा है। सुंदर के पिता के मुताबिक, ‘मैं हिंदू हूं। हमारे घर के पास दो गली छोड़कर एक्स-आर्मी पर्सन पीडी वाशिंगटन रहते थे। वो क्रिकेट के बहुत शौकीन थे। वो हमारा मैच देखने ग्राउंड पर आते थे। वो मेरे खेल में इंटरेस्ट लेने लगे। यहीं से हमारे बीच अच्छी रिलेशनशिप बन गई।

    एम. सुंदर के अनुसार, ‘हम गरीब थे। वाशिंगटन मेरे लिए यूनिफॉर्म खरीदते थे, मेरी स्कूल फीस भरते थे, किताबें लाते थे, अपनी साइकिल पर मुझे ग्राउंड ले जाते थे। उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। मेरे लिए वो सबकुछ थे। जब रणजी की संभावित टीम में मेरा सिलेक्शन हुआ था तो वो सबसे ज्यादा खुश हुए थे।

    तभी अचानक 1999 में वाशिंगटन की डेथ हो गई और इसके कुछ समय बाद ही बेटे का जन्म हुआ।

    सुंदर के मुताबिक, ‘वाइफ की डिलीवरी काफी क्रिटिकल थी, लेकिन सब ठीक से हो गया। हिंदू रिवाज के अनुसार मैंने बेटे के कान में भगवान का नाम लिया, लेकिन ये पहले ही तय कर लिया था कि बेटे का नाम उस इंसान के नाम पर रखना है, जिन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया था।’

    इस तरह एम. सुंदर ने अपने बेटे का नाम वाशिंगटन सुंदर रख दिया। सुंदर के अनुसार यदि उनका दूसरा बेटा होता तो वो उसका नाम भी वाशिंगटन जूनियर रखते।

    Quick Fact 

    Name – Washington Sundar

    Date of birth – 5 October, 1999

    Age – 18 year (2018)

    Role – All Rounder

    Batting – Left hand bat

    Bowling – Right arm off break

    Father – M. Sunder

    Sister -1

    Caste- Sundar

    Religion- Hindu

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